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मां के पेट से ही जुड़ गया दीदी से नाता: लता मंगेशकर की भांजी बोलीं- मैंने उनसे रिश्तों को निभाना सीखा

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स्वर कोकिला लता मंगेशकर, जिन्होंने अपनी मधुर आवाज से करोड़ों लोगों के दिलों पर राज किया, सिर्फ एक महान गायिका ही नहीं, बल्कि एक अद्भुत इंसान भी थीं। उनके परिवार के साथ उनका रिश्ता बहुत खास और गहरा था। लता मंगेशकर की भांजी, रचना शाह, जो संगीत से लेकर जीवन के विभिन्न पहलुओं में दीदी से प्रेरित रही हैं, ने हाल ही में एक इंटरव्यू में दीदी के साथ अपने संबंधों और उनसे सीखे रिश्तों के महत्व के बारे में खुलकर बात की।

मां के गर्भ से जुड़ा दीदी से नाता

रचना शाह कहती हैं, “मेरा और दीदी का रिश्ता मां के गर्भ से ही जुड़ गया था। जब मैं मां के पेट में थी, तभी से दीदी से मेरा नाता हो गया था। मां और दीदी का बहुत गहरा संबंध था, और मुझे लगता है कि वो रिश्ता मुझ तक भी पहुंचा।” रचना ने बताया कि लता मंगेशकर उनके लिए एक मार्गदर्शक और मां के समान थीं।

रिश्तों को निभाने की कला सीखी

रचना शाह ने अपने इंटरव्यू में कहा, “दीदी से मैंने सिर्फ संगीत ही नहीं, बल्कि रिश्तों को निभाने की कला भी सीखी। वह हर रिश्ते को दिल से निभाती थीं और अपने परिवार के प्रति उनकी समर्पण भावना अद्भुत थी। उन्होंने हमें सिखाया कि चाहे कुछ भी हो, रिश्तों में प्यार और इज्जत सबसे महत्वपूर्ण है।” लता मंगेशकर के जीवन में परिवार हमेशा प्राथमिकता रहा, और वह हर सदस्य के साथ एक खास रिश्ता बनाए रखने की कोशिश करती थीं।

दीदी के साथ बिताए खास पल

रचना ने दीदी के साथ बिताए कुछ खास पलों को भी याद किया। उन्होंने कहा, “दीदी हमेशा हमें अपने साथ रखते हुए हमें सिखाती थीं कि कैसे अपनी जड़ों से जुड़े रहना है। उनके साथ बिताए हर पल से हमने बहुत कुछ सीखा। उनके साथ बैठना, बातें करना, उनकी कहानियां सुनना—ये सब हमारे लिए अमूल्य हैं।” लता मंगेशकर के साथ हर पल रचना के लिए एक सीखने का अनुभव था, जिसमें उन्हें जीवन के मूल्यों को गहराई से समझने का मौका मिला।

लता मंगेशकर की प्रेरणा

रचना शाह के अनुसार, लता मंगेशकर सिर्फ एक गायिका नहीं थीं, बल्कि एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व भी थीं, जिन्होंने परिवार के हर सदस्य को प्रेरित किया। उन्होंने कहा, “दीदी की सादगी, उनकी मेहनत और उनके अनुशासन ने हमें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने हमें सिखाया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, और सच्ची सफलता रिश्तों को बनाए रखने में ही है।”

दीदी के बिना जीवन

रचना शाह ने कहा कि लता मंगेशकर के बिना जीवन बहुत अलग है, लेकिन उनकी यादें और उनके द्वारा सिखाई गई बातें हमेशा साथ रहेंगी। “दीदी अब हमारे साथ नहीं हैं, लेकिन उनकी शिक्षाएं, उनके विचार और उनका प्यार हमेशा हमारे साथ रहेगा। उन्होंने हमें जो संस्कार दिए हैं, वही हमारी सबसे बड़ी धरोहर हैं।”


लता मंगेशकर की भांजी रचना शाह ने इस इंटरव्यू में अपनी दीदी के साथ अपने अनमोल रिश्ते की भावनाओं को साझा किया। संगीत के साथ-साथ उन्होंने अपने परिवार और रिश्तों को संजोने का जो सबक लता जी से सीखा, वो आज भी उनके जीवन का हिस्सा बना हुआ है।

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