इस वर्ष दिवाली का पर्व महालक्ष्मी योग में मनाया जाएगा, जो इसे और भी विशेष बना रहा है। ज्योतिषियों के अनुसार, 31 अक्टूबर को लक्ष्मी पूजन के लिए 6 शुभ मुहूर्त हैं, जिसमें मां लक्ष्मी, कुबेर देव और तिजोरी की पूजा करने से सुख-समृद्धि का वरदान प्राप्त होता है।
लक्ष्मी पूजन के शुभ मुहूर्त
दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजन का पहला मुहूर्त शाम 6:00 बजे से शुरू होगा और रात्रि 8:00 बजे तक विभिन्न मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे। इस दौरान महालक्ष्मी योग की उपस्थिति से पूजा का महत्व बढ़ जाता है, और यह समय मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए बेहद शुभ माना गया है।
लक्ष्मी पूजन सामग्री
लक्ष्मी पूजन के लिए आवश्यक सामग्री में शामिल हैं:
- लक्ष्मी और गणेश जी की मूर्तियां
- चावल, कुमकुम, हल्दी, अबीर-गुलाल, सिंदूर
- शुद्ध घी और दीपक
- कमल का फूल और पत्तियां
- नए वस्त्र (यदि संभव हो)
- मिठाई, खासकर लड्डू और बताशे
- पान के पत्ते, सुपारी और मुद्रा (सिक्के)
लक्ष्मी पूजन विधि
- पूजा स्थल को साफ करें और एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं।
- चौकी पर लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां रखें।
- इसके बाद रोली, चावल, हल्दी, और फूलों से मूर्तियों का पूजन करें।
- दीया जलाएं और लक्ष्मी मंत्रों का जाप करते हुए मिठाई और फल अर्पित करें।
- विशेषकर कमल का फूल लक्ष्मी जी को अर्पित करने से वे प्रसन्न होती हैं।
कुबेर और तिजोरी की पूजा विधि
कुबेर धन के देवता हैं और दिवाली पर उनकी पूजा से घर में आर्थिक समृद्धि आती है।
- कुबेर की मूर्ति या तस्वीर को एक छोटे स्थान पर रखें और सिंदूर-चावल से पूजन करें।
- तिजोरी और धन स्थान की सफाई करके वहां पर कुबेर यंत्र स्थापित करें और धूप-दीप जलाएं।
- तिजोरी में धन (सिक्के) और हल्दी से रंगे हुए चावल रखें और कुबेर मंत्र का जाप करें।
इस विधि से पूजन करने से देवी लक्ष्मी और कुबेर देव का आशीर्वाद प्राप्त होता है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
