मल्लिकार्जुन खड़गे, जो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख नेता हैं, ने हाल ही में एक बयान दिया कि राजनीति में सेवानिवृत्ति की कोई उम्र नहीं होनी चाहिए। उनका कहना था कि राजनीति एक ऐसा क्षेत्र है, जहां उम्र के साथ अनुभव और ज्ञान बढ़ता है, और ऐसे में उम्र को सीमित करने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि देश और समाज की सेवा के लिए किसी भी उम्र में योगदान दिया जा सकता है, और राजनीति में अधिक अनुभव रखने वाले लोग जनता के कल्याण के लिए अधिक प्रभावी तरीके से काम कर सकते हैं।
खड़गे का यह बयान इस संदर्भ में महत्वपूर्ण है कि हाल के वर्षों में राजनीति में उम्र को लेकर चर्चाएं होती रही हैं, खासकर जब युवा नेताओं और नई पीढ़ी के नेताओं को बढ़ावा देने की बात आती है। लेकिन खड़गे का मानना है कि राजनीति में अनुभव का अपना अलग महत्व होता है, और हर पीढ़ी को अपने तरीके से योगदान देना चाहिए, चाहे वह युवा हो या वरिष्ठ नेता।
उनके इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि वह उम्र के आधार पर सेवानिवृत्ति को सही नहीं मानते और राजनीति में निरंतर सेवा का पक्ष लेते हैं।

