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पाकिस्तान का नया फरमान: भारतीय सिख रूपए नहीं, अमेरिकी डॉलर लाएं; श्रद्धालुओं से धोखाधड़ी रोकने के लिए फैसला, नवंबर में हजारों सिख जाएंगे पाकिस्तान

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पाकिस्तान ने भारतीय सिख श्रद्धालुओं के लिए एक नया नियम जारी किया है, जिसके तहत अब भारतीय सिख यात्री पाकिस्तान में रूपए की बजाय अमेरिकी डॉलर लेकर आएंगे। यह फैसला भारतीय श्रद्धालुओं के साथ हो रही आर्थिक धोखाधड़ी और मुद्रा संबंधी समस्याओं को देखते हुए लिया गया है। यह निर्णय उस समय आया है जब नवंबर में हजारों सिख श्रद्धालु गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व (गुरुपर्व) के मौके पर पाकिस्तान स्थित करतारपुर साहिब और अन्य धार्मिक स्थलों की यात्रा करेंगे।

भारतीय श्रद्धालुओं से हो रही थी धोखाधड़ी

पाकिस्तान के इस नए फरमान के पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि कई भारतीय श्रद्धालुओं को पाकिस्तान में उनके रुपये के बदले सही दर पर पैसे नहीं मिल रहे थे। मुद्रा विनिमय के दौरान उन्हें घाटा उठाना पड़ रहा था, और कई बार गलत विनिमय दर के कारण उन्हें नुकसान झेलना पड़ता था। इस धोखाधड़ी को रोकने के लिए पाकिस्तान सरकार ने अब यह फैसला लिया है कि भारतीय सिख यात्री पाकिस्तानी दौरे के दौरान सिर्फ अमेरिकी डॉलर लेकर आएंगे।

अमेरिकी डॉलर में भुगतान जरूरी

पाकिस्तान के प्रशासन ने कहा है कि अमेरिकी डॉलर में लेन-देन से मुद्रा विनिमय के दौरान होने वाली धोखाधड़ी से बचा जा सकेगा। इसके साथ ही, डॉलर की स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता भी इस निर्णय के पीछे का एक प्रमुख कारण है।

सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय विशेष रूप से उन हजारों सिख श्रद्धालुओं के लिए है जो हर साल पाकिस्तान के प्रमुख सिख धार्मिक स्थलों जैसे ननकाना साहिब और करतारपुर साहिब की यात्रा करते हैं। इस साल भी नवंबर में गुरु नानक देव जी के जन्मोत्सव के अवसर पर हजारों भारतीय सिख श्रद्धालु पाकिस्तान की यात्रा करेंगे।

सिख समुदाय की प्रतिक्रिया

सिख समुदाय में इस फैसले को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया है। कुछ लोगों का कहना है कि डॉलर में लेन-देन से उन्हें मुश्किलें हो सकती हैं, क्योंकि कई श्रद्धालु पहली बार यात्रा कर रहे होते हैं और उनके लिए विदेशी मुद्रा प्राप्त करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। वहीं, कुछ अन्य लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया है, यह मानते हुए कि इससे यात्रा के दौरान होने वाली धोखाधड़ी और मुद्रा विनिमय की समस्याओं से निजात मिलेगी।

पाकिस्तान के लिए राजस्व में वृद्धि

पाकिस्तान के इस कदम को आर्थिक दृष्टि से भी देखा जा रहा है। अमेरिकी डॉलर में भुगतान से पाकिस्तान को विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने में मदद मिलेगी। धार्मिक पर्यटन पाकिस्तान के लिए एक महत्वपूर्ण राजस्व स्रोत है, और यह नया नियम उनके विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत कर सकता है।

नवंबर में बड़ी संख्या में भारतीय सिखों का दौरा

हर साल गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर सिख श्रद्धालु पाकिस्तान के धार्मिक स्थलों की यात्रा करते हैं। इस साल भी हजारों की संख्या में भारतीय सिख श्रद्धालु पाकिस्तान जाएंगे। करतारपुर कॉरिडोर के माध्यम से श्रद्धालु बिना वीजा के पाकिस्तान के करतारपुर साहिब गुरुद्वारे में दर्शन कर सकते हैं, जो गुरु नानक देव जी का अंतिम विश्राम स्थल है।

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