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पाकिस्तान ने LoC के पास की होवित्जर तोप की टेस्टिंग: चीन की मदद से तैयार, 30 किमी तक मारक क्षमता

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पाकिस्तान ने हाल ही में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास एक नई होवित्जर तोप का परीक्षण किया है, जो चीन की मदद से विकसित की गई है। यह अत्याधुनिक तोप 30 किलोमीटर तक की दूरी तक गोले दाग सकती है, जो इसे एक शक्तिशाली और दूर मार करने वाली हथियार प्रणाली बनाती है। पाकिस्तान की इस नई सैन्य गतिविधि से भारत में सुरक्षा और सीमा पर सतर्कता को लेकर नई चिंताएँ उत्पन्न हो गई हैं।

होवित्जर तोप की विशेषताएं:

पाकिस्तान द्वारा परीक्षण की गई यह होवित्जर तोप आधुनिक तकनीक से लैस है और इसमें उन्नत फायरिंग सिस्टम का उपयोग किया गया है। यह तोप विभिन्न प्रकार के गोले दाग सकती है, जिससे सीमा पर इसकी उपस्थिति खतरे का संकेत बन सकती है। इसकी 30 किलोमीटर तक की मारक क्षमता इसे सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए एक चुनौतीपूर्ण हथियार बनाती है।

चीन की सहायता से निर्माण

इस तोप को चीन की मदद से पाकिस्तान ने विकसित किया है। चीन ने न केवल पाकिस्तान को इस तोप के निर्माण में तकनीकी सहायता दी है, बल्कि इसके निर्माण में लगे उपकरणों और सामग्रियों की आपूर्ति भी की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तोप चीन के मॉडल पर आधारित है, जो PLA (पीपल्स लिबरेशन आर्मी) के पास पहले से ही मौजूद है। इससे भारत के लिए सुरक्षा चिंताएँ और बढ़ गई हैं, क्योंकि चीन और पाकिस्तान की रक्षा साझेदारी से भारतीय सीमा पर तनाव की स्थिति बनी रहती है।

LoC पर बढ़ते तनाव

इस नई तोप के परीक्षण के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच LoC पर तनाव और बढ़ सकता है। पाकिस्तान का यह कदम क्षेत्र में शक्ति संतुलन के दृष्टिकोण से अहम है। भारतीय सेना ने भी इस मामले पर नज़र रखनी शुरू कर दी है और LoC पर अपने सुरक्षा उपायों को और मजबूत कर रही है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की यह नई तोप भारतीय सीमा के नजदीकी क्षेत्रों में बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचा सकती है।

भारत की प्रतिक्रिया

भारत ने पाकिस्तान की इस नई सैन्य गतिविधि पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह अपनी सीमाओं की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। भारतीय रक्षा मंत्रालय ने इस परीक्षण पर कड़ी नज़र रखने का आश्वासन दिया है और कहा है कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। भारतीय सेना भी अपनी तैयारियों को बढ़ा रही है और LoC पर उच्च स्तर की सतर्कता बरत रही है।

विशेषज्ञों की राय

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान का यह कदम दक्षिण एशिया में तनाव को और बढ़ा सकता है। इस नई तोप के परीक्षण से पाकिस्तान की रक्षा क्षमताओं में इजाफा हुआ है, लेकिन इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में संघर्ष की संभावना भी बढ़ सकती है। चीन द्वारा पाकिस्तान को सैन्य मदद देना भारतीय उपमहाद्वीप में एक नई सामरिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।