दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही हर घर में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस साल दीपोत्सव का शुभारंभ 29 अक्टूबर से हो रहा है, और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घर की पवित्रता बनाए रखने के लिए विशेष उपाय करने की सलाह दी गई है। दिवाली पर देवी लक्ष्मी का स्वागत करने के लिए घर को सजाना, पवित्र करना और विशेष पूजा विधि अपनाना शुभ माना जाता है।
गंगाजल का छिड़काव: घर में सकारात्मक ऊर्जा
घर में पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह के लिए गंगाजल का छिड़काव करना शुभ माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, दीपोत्सव के प्रारंभ से ही घर में गंगाजल छिड़कने से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। यह भी माना जाता है कि गंगाजल का उपयोग करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
मुख्य द्वार पर लगाएं बंदनवार
पौराणिक मान्यता के अनुसार, मुख्य द्वार पर बंदनवार लगाना भी शुभ माना गया है। बंदनवार के उपयोग से घर में आने वाली नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश रुकता है, और देवी लक्ष्मी के स्वागत के लिए वातावरण शुद्ध और पवित्र होता है। आमतौर पर बंदनवार को आम के पत्तों और फूलों से सजाया जाता है, जो घर की सजावट को भी बढ़ाता है।
तुलसी के पास दीप जलाने का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी का पौधा घर में सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत होता है। दीपावली के दिन सूर्यास्त के बाद तुलसी के पास दीप जलाने से न केवल घर में सकारात्मकता बढ़ती है, बल्कि यह भी माना जाता है कि इससे परिवार पर देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है।
शुभता और समृद्धि के लिए अन्य परंपराएं
दीपोत्सव के दौरान घर में साफ-सफाई, रोशनी और सजावट का विशेष महत्व है। हर कोने में दीयों को सजाना और विशेष पूजा-अर्चना करना घर में सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
इस बार के दीपोत्सव में इन परंपराओं का पालन कर घर को पवित्र और शुभ वातावरण से भरें और देवी लक्ष्मी के स्वागत के लिए अपने मन और घर को तैयार रखें।

