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जयशंकर बोले- ट्रम्प की जीत से भारत चिंतित नहीं: मोदी के ओबामा, बाइडेन और ट्रम्प से व्यक्तिगत संबंध भारत के लिए फायदेमंद

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अमेरिका में आगामी चुनावों को लेकर दुनियाभर की निगाहें इस पर हैं कि अगर डोनाल्ड ट्रम्प फिर से सत्ता में आते हैं तो वैश्विक रिश्तों पर क्या प्रभाव पड़ेगा। इस बीच, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक बयान में स्पष्ट किया कि भारत को ट्रम्प की संभावित जीत से कोई चिंता नहीं है। जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा, वर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडेन और डोनाल्ड ट्रम्प के साथ व्यक्तिगत संबंध हैं, जो भारत के हितों के लिए लाभदायक साबित होते हैं।

जयशंकर का बयान और उसके मायने
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत की विदेश नीति किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं करती है, बल्कि यह राष्ट्रीय हितों के अनुसार तय होती है। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि भारत और अमेरिका के संबंध मजबूत हैं और ट्रम्प की जीत या हार से यह संबंध प्रभावित नहीं होंगे। जयशंकर ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी का अमेरिका के सभी बड़े नेताओं के साथ सकारात्मक संबंध है, चाहे वह ओबामा, ट्रम्प, या वर्तमान राष्ट्रपति बाइडेन हों। इससे भारत-अमेरिका संबंधों में स्थिरता और मजबूती बनी रहती है।”

मोदी-ट्रम्प के बीच संबंध और भारत को लाभ
प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प के बीच के संबंधों का असर भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय सहयोग पर भी देखने को मिला था। उनके कार्यकाल के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार, और तकनीकी सहयोग में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई थी। जयशंकर ने कहा कि यह व्यक्तिगत कनेक्शन दोनों देशों के लिए एक मजबूत आधार बनाता है और भविष्य में भी संबंधों में सुधार की संभावना को बनाए रखता है।

भारत की रणनीतिक स्वायत्तता
जयशंकर ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति अपनाता है और किसी अन्य देश की आंतरिक राजनीति पर निर्भर नहीं रहता। भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता को महत्व देता है और इसका प्रमुख उद्देश्य अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि भारत का फोकस वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति को मजबूत करना है, चाहे अमेरिकी प्रशासन में कोई भी राष्ट्रपति हो।

अमेरिका-भारत संबंधों पर प्रभाव
ट्रम्प के पुनः चुनाव के मामले में भी जयशंकर ने भरोसा दिलाया कि भारत और अमेरिका के रिश्ते स्थिर बने रहेंगे। यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ट्रम्प का झुकाव चीन की ओर बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए भारत के समर्थन में रहा है। इसके अलावा, अमेरिका के मौजूदा प्रशासन से भारत की घनिष्ठ साझेदारी भी बताती है कि दोनों देशों के बीच स्थिरता और निरंतरता बनी रहेगी।