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बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना का इस्तीफा: राष्ट्रपति शहाबुद्दीन का बयान, प्रेसिडेंट हाउस के बाहर प्रदर्शन

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बांग्लादेश की राजनीति में हालिया हलचल के बीच प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने एक बयान में साफ किया है कि उन्हें प्रधानमंत्री का इस्तीफा नहीं मिला है। राष्ट्रपति का यह बयान उस समय आया है जब बांग्लादेश की राजधानी ढाका में नाराज प्रदर्शनकारियों ने प्रेसिडेंट हाउस को घेर लिया और शेख हसीना के इस्तीफे की मांग की।

राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने कहा, “मेरे पास प्रधानमंत्री शेख हसीना का कोई इस्तीफा नहीं आया है। सरकार अपने कामकाज में लगी हुई है और किसी तरह की अस्थिरता की कोई बात नहीं है।” राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार अपने कार्यकाल को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

बांग्लादेश में विपक्षी पार्टियां और बड़ी संख्या में जनता सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शेख हसीना की सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर कर रही है। देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिसमें ढाका में प्रेसिडेंट हाउस के बाहर सबसे बड़ा प्रदर्शन देखा गया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि प्रधानमंत्री शेख हसीना तुरंत इस्तीफा दें और देश में नए चुनाव कराए जाएं।

प्रेसिडेंट हाउस के बाहर चल रहे प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सरकार ने बड़े पैमाने पर पुलिस और सुरक्षाबलों की तैनाती की है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई स्थानों पर झड़पों की भी खबरें आई हैं।

बांग्लादेश में यह स्थिति आगामी चुनावों के मद्देनजर और गंभीर हो गई है। विपक्षी दल, मुख्यतः बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP), ने सरकार पर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव न कराने का आरोप लगाया है। शेख हसीना, जो 2009 से सत्ता में हैं, पर आरोप है कि उन्होंने देश में लोकतंत्र को कमजोर कर दिया है और अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए सरकारी संस्थाओं का दुरुपयोग किया है।

अब देखना होगा कि बांग्लादेश की सरकार और राष्ट्रपति के इस बयान के बाद प्रदर्शनकारियों की रणनीति क्या होती है। क्या प्रधानमंत्री शेख हसीना कोई कदम उठाएंगी या फिर विपक्षी दल और अधिक जोरदार विरोध करेंगे? देश के भविष्य को लेकर बांग्लादेश की राजनीति में अस्थिरता बढ़ती नजर आ रही है।