तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के बेटे और तमिलनाडु सरकार के मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने हाल ही में तमिल फिल्म इंडस्ट्री की आर्थिक ताकत और प्रभाव पर जोर देते हुए कहा कि तमिल सिनेमा इंडस्ट्री का रेवेन्यू अरबों में है और यह किसी भी उत्तर भारतीय फिल्म इंडस्ट्री से कहीं अधिक मजबूत है। उदयनिधि का कहना है कि तमिल फिल्म इंडस्ट्री न केवल आर्थिक दृष्टि से बल्कि कंटेंट की विविधता और ग्लोबल पहुंच में भी उत्तरी भारत की किसी भी इंडस्ट्री से आगे है।
तमिल फिल्म इंडस्ट्री का योगदान
उदयनिधि स्टालिन ने अपने बयान में तमिल फिल्म इंडस्ट्री के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा, “तमिलनाडु की फिल्म इंडस्ट्री देश की सबसे प्रभावशाली फिल्म इंडस्ट्री में से एक है। यहां की फिल्मों का रेवेन्यू अरबों में है, जो दर्शाता है कि हमारी इंडस्ट्री कितनी सफल है।” उन्होंने यह भी बताया कि तमिल सिनेमा ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है और तमिल फिल्मों का प्रभाव दुनियाभर में बढ़ रहा है।
उत्तर भारतीय फिल्म इंडस्ट्री से तुलना
उदयनिधि ने उत्तर भारत की फिल्म इंडस्ट्री की तुलना करते हुए कहा, “उत्तर भारत की किसी भी भाषा की फिल्म इंडस्ट्री हमारी इंडस्ट्री जितनी बड़ी या आर्थिक रूप से मजबूत नहीं है।” उनके अनुसार, उत्तर भारतीय फिल्म इंडस्ट्री को तमिल फिल्मों जैसी अंतरराष्ट्रीय पहचान और लोकप्रियता हासिल करने में अभी लंबा सफर तय करना है।
तमिल सिनेमा की वैश्विक पहचान
तमिल फिल्म इंडस्ट्री ने रजनीकांत, कमल हासन, विजय, सूर्या, और अजीत जैसे बड़े स्टार्स को दिया है, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तमिल सिनेमा को एक नई पहचान दिलाई है। “बाहुबली” और “आरआरआर” जैसी दक्षिण भारतीय फिल्मों की सफलता ने तमिल और दक्षिण भारतीय सिनेमा को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने में मदद की है।
उद्योग विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
उदयनिधि के इस बयान पर फिल्म इंडस्ट्री के विशेषज्ञों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि तमिल फिल्म इंडस्ट्री वास्तव में अपनी गुणवत्ता और रेवेन्यू के मामले में बेहद मजबूत है, जबकि कुछ का कहना है कि बॉलीवुड की व्यापक पहुंच को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
