इजराइल और हमास के बीच जारी संघर्ष के बीच, इजराइल ने लेबनान के नबातियेह शहर पर हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में शहर के मेयर समेत 6 लोगों की मौत हुई है। इजराइल ने यह हमला कथित तौर पर हिज़बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाते हुए किया है। हिज़बुल्लाह एक शिया मिलिशिया संगठन है, जिसे ईरान से समर्थन प्राप्त है और जो लेबनान में सक्रिय है। इजराइल के इस हमले के पीछे यह तर्क दिया जा रहा है कि यह संगठन इजराइल के खिलाफ हमले की योजना बना रहा था।
हमले के बाद के हालात:
नबातियेह शहर में हमला स्थानीय समयानुसार सुबह किया गया, जब लोग अपने रोजमर्रा के काम में व्यस्त थे। धमाकों से शहर में अफरा-तफरी मच गई। इमारतों को काफी नुकसान पहुंचा है और बचाव कार्यों के दौरान कई लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया। इजराइली सेना के अनुसार, यह हमला हिज़बुल्लाह के ठिकानों पर किया गया था, लेकिन कई नागरिक भी इसकी चपेट में आ गए।
हिज़बुल्लाह और इजराइल के बीच तनाव:
इजराइल और हिज़बुल्लाह के बीच लंबे समय से तनाव चला आ रहा है। दोनों के बीच 2006 में एक युद्ध भी हो चुका है, जिसमें हजारों लोग मारे गए थे। हिज़बुल्लाह ईरान समर्थित संगठन है, और ईरान-इजराइल के बीच भी तनावपूर्ण संबंध रहे हैं। इजराइल का मानना है कि हिज़बुल्लाह उसके सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है और उसके ठिकानों को कमजोर करना आवश्यक है।
ईरान पर हमले की तैयारी का दावा:
इस हमले के बाद एक और बड़ी चर्चा उठी है कि इजराइल अब ईरान पर भी हमले की योजना बना रहा है। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइल का इरादा ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए सीधे हमले का हो सकता है। इजराइल लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंतित रहा है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इसका विरोध करता रहा है। हाल ही में ईरान और इजराइल के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया है, खासकर जब से ईरान ने हमास और हिज़बुल्लाह को समर्थन दिया है।
क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं:
इजराइल के इस हवाई हमले पर लेबनान की सरकार और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। लेबनान ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र और अन्य देशों ने भी इस पर चिंता जताई है और दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
