अमेरिकी युद्धपोतों पर हूती विद्रोहियों का हमला: कई मिसाइल और ड्रोन से हमला, तनाव बढ़ा
अमेरिकी युद्धपोतों पर यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा हमला किए जाने की खबरें सामने आई हैं। इस हमले में हूती विद्रोहियों ने कई मिसाइलें और ड्रोन दागे। इस घटना ने क्षेत्र में तनाव को बढ़ा दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं बढ़ गई हैं।
हमले की पृष्ठभूमि
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब हाल ही में अमेरिका ने यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ एक जवाबी कार्रवाई की थी। पिछले महीने अमेरिका ने हूती ठिकानों पर हमला किया था, जिसे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया बताया गया था।
अमेरिका का रुख
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) के अधिकारियों ने हमले की पुष्टि की है और कहा है कि अमेरिका ऐसे किसी भी हमले का सख्ती से जवाब देगा। पेंटागन ने इस घटना को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बताया और कहा कि उनके युद्धपोत और सैनिक सुरक्षित हैं।
क्षेत्रीय प्रभाव और ईरान की भूमिका
इस हमले से मध्य पूर्व में अस्थिरता और बढ़ने की संभावना है। ईरान पर आरोप है कि वह हूती विद्रोहियों को समर्थन और हथियार प्रदान करता है, जिससे इनकी युद्धक्षमता में बढ़ोतरी हुई है। हालाँकि ईरान इस तरह के आरोपों का खंडन करता रहा है, लेकिन हूती विद्रोहियों का लगातार अमेरिकी और सऊदी गठबंधन बलों पर हमले करना इस तनावपूर्ण संबंध को और गहरा कर देता है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस हमले पर चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य पश्चिमी देशों ने इसे क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताया है और सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया है।
